शरणागति (Sharanagati)

8.00

सच्चे हृदय से भगवच्छरणागति की स्वीकृति हो जाने पर चिन्ता, भय, शोक आदि दोषों का अपने-आप उपशमन हो जाता है। इस दिव्य भाव को दृढ़ कराने वाला स्वामी श्री रामसुखदास जी महाराज कृत एक सुन्दर विवेचन

Additional information

Dimensions 21 × 14 × 0.50 cm
Cover Type

Hard Bond

Language

Hindi

Writer

Geeta Press

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